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About Us

 

मैं स्वयं
नाम- दीपक सोनी
पिता- श्री प्रमनारायण सोनी
निवासी-188ब, 3री गली, सदर, जबलपुर, मध्यप्रदेश
शिक्षा- स्नातक, हिन्दी साहित्य, अंग्रजी साहित्य, दशन शास्त्र
एम ए पुर्व दशन शास्त्र


जीवन- मैं अपने नाना के यहॉ खण्डवा मध्यप्रदेश में पला-बढा हुं। खाण्डव वन के सुरम्य प्रदेश के ममतामयी वातावरण की छाया ने लीवन को अभिभूत करने वाली मातृ-शक्ति की अवधारणा को प्रस्फूटित किया जिसे मैं मॉ नर्मदा जबलपुर के ऑचल के अखण्ड निराकार वातावरण में पूर्ण पाकर धन्य हुआ।

खण्डवा में मैं मेरे ट्यूशन पढाने वाले शिक्षक आदरणीय श्री बिहारीलाल जी गुप्ता अंग्रेजी शिक्षण कर जीविका चलाते थे। उनका ब्रम्ह वाक्य था-भाशा को भी मॉ समझो, उसे पुत्रवत् प्रेम करे, एक दिन वह स्वयं ही आपकी मॉ बन जावेगी।

ऐसे अदभूत विस्वास एवं दृड श्रृद्धा वाले गुरु के पास भाशा का ज्ञान प्राप्त करके जब विश्वविद्यालयीन स्तर पर मेरी गुरु डा: छाया राय ने उनकी किताब का अनुवाद करने का प्रस्ताव रखा तो मैं ना नहीं कर सका। उनके ममत्व भाव के कारण ही मैंने उनसे लगभग 5 वशों तक लेखों एवं शोध ग्रन्थो का अनुवाद करना सीखा एवं एक दिन ऐसा भी आया जब मैं 2 शोध ग्रन्थो का अनुवाद स्वयं कर सका। अन्तत: घरेलु जिम्मेदारीयों ने इस कार्य को रोकने विवश कर दिया।

आज लगभग पुन: 20 वशाZें के बाद मैं अपने द्धितीय पुत्र श्री प्रभात, जिनका नामकरण मैंने अपने गुरु के पुत्र श्री प्रभात गुप्ता के नाम पर किया था, कीे प्रेरणा सेइस ग्रन्थ को जिखने जा रहा हुं। मेरी गलतीयों को देश के अंग्रजी भाशा के गुरुजन क्षमा करें एवं बच्चों को अंग्रेजी सीखने में सहायक इस वेबसाइट के माध्यम से जो कुछ भी टुटा -फूटा मार्गदर्शन दिया जा रहा है उसे पुर्णत: समझाने का प्रयास करें ताकि हमारे वच्चे अंग्रेजी सीखकर विश्व सतर पर भारतीय मनीशा की ध्वजा फहरा सकें।

भगवन् मुझे एैसी बुद्धि दें कि मैं सभी विचारों का स्वागत एवं विश्लेशण कर जीवन धन्य कर सकूं।

ध्येय-
वैज्ञानिक विकास एवं दुर-संचार के साधनों ने विश्व को अनेकों अथोंZ में एक इकाई बना दिया है। वैचारिक एवं भाशागत् भेद अब बये जमाने की बातें हैं। उच्च-शिक्षित पीढीं अब झान अर्जन के बाद समस्त विस्व में विश्व-मानव के रुप में स्थापित हो रही है।

वैश्विक स्तर पर अंग्रेजी एक सशक्त भाशा-माध्यम बन कर उभरी है। इसका यथोचित ज्ञान समय की परम् आवश्यकता है। हिन्दी भाशी विद्यार्थी विश्व स्तर पर खरे उतरें इस प्रयास को मुर्त रुप देने ही इस ग्रन्थ को मैं वबसाइट के माध्यम से पगकािशत कर अंग्रेजी भाशा के प्रति अपने लगाव एवे प्रेम को
प्रर्दशित कर रहा हुं।
आशा ही नहीं पुर्ण विश्वास है कि विद्यार्थीगण् लाभािन्वत होंगे।

परिचय-
समय-पथ पर पृथ्वी में मानव-जीवन वैज्ञानिक विकास-यात्रा के उच्चतम् शिखर पर खडा है। मानव, मात्र मानव बनकर ही पृथ्वी के अस्तित्व को वैज्ञानिक विनाश से बचा सकता है। मूल मन्त्र है-समानता एवं पदार्थात्मक उपलब्धियों का उचित एवं न्यायपुर्ण वितरण। सम्पूर्ण विश्व में एैसी व्यवस्था की मॉग वैज्ञानिक विनाश के द्धारा मानव-जीवन एवं स्वयं पृथ्वी के आन्तरिक वातावरण के विनाश होते जाने में पृथ्वी के जलवायु-प्रदूशण ने क्रमश: स्पस्ट कर दी है। एैसी दशा में ब्रंह्माण्ड में मानव नई बस्तीयों की खोज अपने जीवन को सुरक्षित रखने एवं सवंिर्धत करने में कर रहा है।

सतस्त मानवों को एकसुत्र में बॉधने वाली कुछ ही गिनी -चुनी भाशाऐं हैं। वैज्ञानिक ज्ञान अंग्रजी भाशा में सहज ही उपलब्ध है। इसका अध्ययन कर वैज्ञानिक विकास एवं उसके सुखद् परिणामों को सहज ही प्राप्त किया जा सकता है। अंग्रजी भाशा का सुचारु अध्ययन हमारे देश में लगभग 100 वशों पुराना है। फिर भी भाशागत् समरुपता नहीं होने के कारण इसके अध्ययन में कटिनाईयॉ आती रहती हैं।निदान तो आवश्यक है ही। हिन्दी भाशी विद्यार्थीयों हेतु इस वेबसाइट की आवश्यकता समय की बडी जरुरत है।

इसका ई-लनिग प्रोगाम जल्द ही सामने आवेगा।
विस्वास है, आप इसे सहश स्वीकार करेगे।